U odnosu na svoje gradske srodnike koji su se pretvorili u masovne turističke atrakcije, božićni tržnici u ruralnoj zemlji ili na prirodi predstavljaju kvalitetno drugačiji fenomen. To nisu komercijalizirani prostori, već moderne forme revitalizacije ruralne zajednice, temeljene na principima autentičnosti, održivosti i taktilnosti. Njihova popularnost u 21. vijeku je odgovor na zahtjev gradskih stanovnika za "pravo" Božić i odražava globalni trend na slow life i eko-svijest.
Prvi božićni tržnici u Europi (npr. Dresdnerski Štritzelmarkt, spomenut od 1434. godine) su inače bili fenomen ruralno-gradske perifernosti, gdje su se seljaci prodavali izlazke prije zime. Moderni ruralni tržnik svjesno se apelira na tu arhaiku, vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački vještački 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